Modi Government Big Mistakes

Modi Government Big Mistakes

नरेंद्र मोदी की 7 ‘ऐतिहासिक’ ग़लतियाँ

प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2014 के इलेक्शन में बेरोजगारी भ्रष्टाचार और काले धन को एक बड़े मुद्दे के रूप में इस्तेमाल किया 2014 मैं एक भाषण के दौरान उन्होंने यहां तक कहा था कि विदेशों में भारत का कितना काला धन है कि वापस आ जाए तो हर एक के खाते में 15 15 लाख रुपए आ सकते हैं

बेरोजगारी भ्रष्टाचार और कालेधन को मुद्दा बनाने के कारण बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिली और मोदी जी को प्रधानमंत्री की कुर्सी परंतु देश को क्या मिला |ना ही काला धन देश में वापस आया ना ही भ्रष्टाचार में बहुत ज्यादा कमी आई और ना ही लोगों को रोजगार प्राप्त हुए

चलिए अब हम जानते हैं पीएम मोदी द्वारा इस दौरान की गई पांच गलतियां

नोट बंदी :

जैसा कि आप लोगों को पता है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा 8 नवंबर 2016 को मध्य रात्रि में देश के नाम एक संबोधन में यह ऐलान किया कि आज रात्रि 12:00 बजे से पालतू एवं हजार रुपए के नोट कागज के टुकड़े ही रह जाएंगे
नोट बंदी का ऐतिहासिक फैसला जिस बात को सोचकर लिया गया था उस हिसाब से उसका रिजल्ट नहीं मिला इस फैसले के कारण लोगों को बहुत ही ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा परंतु मार्केट से ना ही कालाधन खत्म हुआ और ना ही भ्रष्टाचार | इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि आरबीआई ने भी यह माना की लगभग 99 परसेंट पुराने नोट आरबीआई में वापस आ चुके हैं तो हम यह जानना चाहते हैं कि वह जाली नोट एवं काले धन वाले नोट कहां गए
आपको क्या लगता है क्या नोटबंदी से देश को कुछ प्राप्त हुआ ?

भ्रष्टाचार :

भ्रष्टाचार जोकर 2014 चुनाव में एक बहुत ही ज्यादा बड़ा मुद्दा था और हमारी पुरानी सरकार ने तो भ्रष्टाचार के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए थे चाहे वह 2जी घोटाला हो चाहे कॉल स्पेक्ट्रम घोटाला चाहे कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला ऐसे हजारों उदाहरण मिलते हैं

मोदी जी ने 2014 इलेक्शन से पहले बड़े जोड़-तोड़ से अपनी जन स्वभाव एवं भाषणों में बहुत जोर शोर से यह कहा था कि उनकी चुनाव में जीत के बाद हर उस बंदे को जो इन घोटालों में शामिल हैं उन्हें जेल में डालेंगे परंतु ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और यही मोदी सरकार की बड़ी भूलों में से एक साबित हुआ

बेरोजगारी :

बेरोजगारी बेरोजगारी भारत में एक बहुत ही बड़ा मुद्दा है और यह सुरसा के मुख्य की तरह है बढ़ता ही जा रहा है और इस समस्या पर मोदी सरकार कुछ ज्यादा काम नहीं कर पाई है जिसके कारण युवा वर्ग मोदी सरकार से दूर होती जा रही है जो कि 2014 में बीजेपी की जीत का एकमात्र कारण था इससे हमें यह लगता है कि 2019 का इलेक्शन मोदी सरकार के लिए बहुत ही ज्यादा परेशानी वाला होगा

काला धन :

काला धन मोदी सरकार ने 2014 के इलेक्शन में अपनी हर भाषण एवं जनसभाओं में काले धन को एक बहुत ही बड़ा मुद्दा बनाया था परंतु 2014 इलेक्शन जीतने के बाद हमें यह लगता है कि वह इस मुद्दे को भूल चुके हैं और उन्होंने काला धन देश में वापस लाने के लिए कोई कठोर कदम नहीं उठाए हैं और जिसके कारण 2019 के इलेक्शन में जिन लोगों ने उन्हें काले धन के नाम पर वोट दिया था वह उनके खिलाफ जा सकते हैं और यह भी उनके लिए एक बड़ी भूल साबित होगी

पाकिस्तान :

पाकिस्तान जैसा कि आप लोगों को पता होगा भारत का पड़ोसी एवं शत्रु तो इस है और इसने हमेशा ही भारत के खिलाफ किसी ना किसी तरीके से भारत में अशांति फैलाने की कोशिश करता रहता है परंतु मोदी सरकार पाकिस्तान के खिलाफ दे कोई कठोर कदम नहीं उठाई है अभी हाल का ही उदाहरण आप लोग देख लीजिए पुलवामा आतंकी हमला जिसमें 40 सैनिक मारे गए और इसके बावजूद अभी हमें अपनी केंद्र सरकार की तरफ से कोई मजबूत कदम देखने को नहीं मिला है बस टमाटर और पानी रोकने की तैयारी आखिर होता क्या है मोदी गवर्नमेंट इसी तरीके से पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं करती है तो यह भी उनके लिए एक प्रमुख एवं बड़ी भूल साबित होगी जिससे कि भारत के लगभग आधी जनसंख्या उनके खिलाफ जा सकते हैं

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